Friday, January 7, 2022

सवेरे का सूरज तुम्हारे लिए है..

नया साल आने पर लोग नए साल के स्वागत का खूब जश्न मनाते हैं, लेकिन साथ ही बीतते हुए साल को बेरुखी भरा bye bye करते हैं, जबकि साल भर पहले इसी बीतते हुए साल को खुली बाहों और आशाओं के साथ स्वागत किया था..सोंचने वाली बात तो ये भी हो सकती है कि भई अगर कुछ आशान्वित न हुआ, तो क्या पूरी गलती साल की ही थी.. Introspection यानी आत्मविश्लेषण और स्वआकलन में हम अक्सर impartial नहीं रह पाते और दूसरों पर दोष मढ़ देते हैं, दरअसल खुद तक पहुंचना भी बड़ा लंबा सफ़र है, ज्यादातर तो अपने जीवन का सफर खत्म होते तक भी खुद तक नहीं पहुंच पाते हैं..


 बहरहाल यह विदाई का गीत मुझे अक्सर विदाई की घड़ी में याद आता है, नए साल पर भी..(वैसे नए साल में ये ग़ज़ल की  "इक बिरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है.." भी बहुत याद आता है..) वैसे तो जमाने में नए का बहुत swag होता है, और पुराने की बुराई!.. , its not right but its ok.. ये उचित तो नहीं है पर दुनिया, जमाना और रवायत ऐसा ही है..
वैसे इस गाने की lyrics बहुत ही ख़ूबसूरत है, धुन औऱ गायकी भी इसे बहुत अच्छा compliment  करती है जाने के भावों को व्यक्त करती है, किंतु इसे किसी भी chartbuster पे नहीं पाया , न तो किशोर कुमार के top 50 गाने में इसे कहीं शामिल पाया , न कहीं इसका जिक्र पाया , शायद उनके गानों की लिस्ट बहुत बड़ी है जिसमें ये मोती गुम हो गया..
आप इस ब्लॉग तक पहुंचे हैं तो आशा है कि आप शब्दों को गौर से पढते हैं,  अतः अगर ऐसा है तो पूरी आशा है की ये गीत आपको जरूर पसंद आएगा सुनियेगा, सुनाइयेगा ..
ये रही links सुनने  Spotify link देखने सवेरे का सूरज youtube के लिए..आपका और सभी का ये साल तथा हर आने वाला साल अच्छा गुज़रे यही शुभकामनाएँ..Take Care!