Thursday, September 29, 2022

Facts and Aspects (तथ्य एवं पहलू) :

Facts , aspects and world : 
एक होता है Fact और उससे निकलते हैं कई opinions! जब एक ही aspect को पकड़कर opinion बना लें और उस पर ही जोर दें  "की भैया यही बात सही है बाकी अन्य सभी aspects तो हैं ही नहीं या गौण हैं"  तब वो opinion आ जाता है ज्ञान की श्रेणी में। 

A man's most valuable trait is a judicious sense of what not to believe....
Euripides (A great Roman Philosopher) 

" एक मनुष्य की सबसे मूल्यवान विशेषता उसका वह तर्कपूर्ण विवेकबोध है जो उसे यह बताता है कि किस बात पर विश्वास करना है, और किस बात पर विश्वास नहीं करना है। "
ऐसा ही कुछ सूचना संचार, कम्युनिकेशन और कंप्यूटर की इन्फॉर्मेशन डेटा आदि के बारे में पढ़ते पढ़ाते वक़्त हम सभी पढ़ते हैं किन्तु आम जीवन में इस छोटी सी किन्तु महत्वपूर्ण बात को लगभग भूल ही जाते हैं। और फैक्ट के एक अतिमहत्वपूर्ण aspect को dilute कर opinions के जाल बुनते रहते हैं तथा फंसते भी रहते हैं। 
संशय यानी dilemma , यानी अनिर्णय की स्थिति को यूँ तो अच्छा नहीं माना जाता किन्तु इसे इतना भी बुरा नहीं मानना चाहिए क्योंकि शायद कोई भी इससे बच न सका। 
अर्जुन की ऐसी ही संशय वाली परिस्थितियों पे कृष्ण का दिया गया गीता का ज्ञान है तो लगभग सारे advertisements के soft targets भी वही संशय वाली मानसिकता है।

जहाँ जहाँ चुनाव एवं विकल्प हैं वहां वहां संशय है जिससे पार पाने के लिए और सही चुनाव की बुद्धिमत्ता यानि कि 'intelligency' काम आती है। 

वैसे ये भी एक opinion और  'ज्ञान' हो गया न?