Friday, October 7, 2022

जोश : how is the Josh ???

How is the जोश!!! ?  

हिन्दी फिल्मी गीतों में कुछ गीत हैं जो जोश से भर देते हैं। इसी जोश के चक्कर मे लगभग हर शादी की बारात में एक गीत "ये देश है वीर जवानों का .." जरूर ही बजता है , जिसमें गीत के बोल से कहीं अधिक 'मायने' उसकी धुन एवं संगीत से उत्पन्न जोश होता है। 

मानव मन की भावना को 'रस' कहा जाता है , यहीं से 'रसिया' शब्द की उत्पत्ति हुई है ( रूस वाला Russia मत समझ लीजियेगा..).  'भाव' मन की स्थिति है जबकि रस उस भाव से उत्पन्न होने वाला सौंदर्य/स्वाद है. रस को ही सजीवों, कला एवं साहित्य का प्राणतत्व माना जाता है। मनुष्य की भावनाओं को कला एवं साहित्य प्रमुखतः 8-9 वर्गों में वर्गीकृत करता है। साहित्य एवं कला में रस उत्पत्ति को सबसे पहले परिभाषित करने का श्रेय भरत मुनि को जाता है जिन्होंने अपनी प्रसिद्ध पुस्तक नाट्यशास्त्र (नाट्यकला की प्राचीनतम पुस्तक) में 8 प्रमुख रसों एवं उनके स्थायी भाव बताए हैं जो की ये हैं : 
रति (Love)
हास्य (Mirth)
शोक (Sorrow)
क्रोध (Anger)
उत्साह (Energy)
भय (Terror)
जुगुप्सा (Disgust)
विस्मय (Astonishment)

हिंदी साहित्य में भी इसी तरह सिर्फ नौ रस (emotions, भाव) बताए गए हैं जो मनुष्य के अंदर भिन्न भिन्न भावना जगाते हैं.  वो 9 रस एवं उनसे जुड़े   भाव ये हैं: 

वीभत्स रस (घृणा, जुगुप्सा)
हास्य रस (हास)
करुण रस (शोक)
रौद्र रस (क्रोध)
वीर रस (उत्साह)
भयानक रस (भय)
श्रृंगार रस (रति)
अद्भुत रस (आश्चर्य)

अभिनेता संजीव कुमार की  1974 की एक प्रसिद्ध फ़िल्म थी 'नया दिन नई रात ' जिसमें संजीव कुमार ने 9 रोल(किरदार) अदा किये थे एवं उनका हर रोल (चरित्र) इन्ही रसों में से एक का प्रतिनिधित्व (represent) करने वाला था। पहले के जमाने में लोग सिर्फ गाने सुनने, अपने प्रिय कलाकार को देखने,  ड़बल रोल देखने आदि के लिए भी सिनेमा हॉल जाते थे। उस फिल्म का एक गीत " मैं वही, वही बात, मेरे लिये तो हर दिन , नया दिन,  हर रात नयी रात.." भी अच्छा एवं लोकप्रिय रहा है। 
वैसे श्रृंगार रस को रसराज (रसों का राजा) कहा जाता है क्यूंकि इसका उपयोग बहुत व्यापक है। 

 एक फिल्मी गीत " ज़िद्दी है , ज़िद्दी है, दिल ये ज़िद्दी है.." पिछले दिनों सुना जो जोरदार लगा। इसके गायक विशाल डडलानी को आपने सोनी टीवी पर आने वाले संगीत के रियालटी शो  indian idol में  जरूर देखा सुना होगा।  इस गीत की बाकी की पूरी टीम सामान्य जनता के लिए अंजानी सी ही है। 

 बेहद अलग से , अलग अलग लम्बाई (मीटर) के शब्दों/वाक्यों को जो ठीक से जुगलबंदी भी न कर रहे हों, ऐसे बोलों को सुंदर धुन और संगीत में पिरोना किसी म्यूजिक कंपोजर के लिए जरा टेढ़ा और कठिन कार्य होता होगा।  फ़िल्म की कहानी से जोड़ता और बहुत से भावों से भरा हुआ अद्भुत  गीत है ये।
Song Title/गाना: जिद्दी दिल Ziddi Dil
Movie: Mary Kom(Year-2014)
Singer/गायक: Vishal Dadlani
Music Director/संगीतकार: Shashi Suman
Lyrics Writer/गीतकार: Prashant Ingole
Star casts/अभिनीत किरदार: Priyanka Chopra, Sunil Thapa, Darshan Kumar
Music Label: Zee Music)

गीत में किशोर कुमार की तरह की  याडलिंग भी है, मोहित चौहान की तरह की आवाज में खराश भी है..कुल मिलाकर अच्छा जोशीला गीत है, ज़रा ध्यान से सुनिएगा.. , आशा है पसंद आएगा..और जोश को  High रखने में निश्चित ही मददगार होगा...

उल्लास में रहें, जोश में रहें, उड़ते रहें ...और संगीत सुना करें, क्योंकि संगीत मन को पंख लगाए...

बहुत बहुत  शुभकामनाएं!🌈

Thursday, October 6, 2022

world is market दुनिया एक बाजार:

Often every product,service or idea has some pros and cons. Smart marketers presents their products and services to the world in many different interesting ways.  Most of the time, such amazing and unbelievably beautiful dreams draws a rosy picture in your mind that shaken your thought process and you remember it too. 
 Most of the advertisements focus on the benefits and shows beautiful dreams of the meaningful changes that will come in life from the effect of that product.. Tempting erotic Beauties in men's shaving razor blades ads are popular but height is watching an erotic exposing sexy in a cement ads...., X Laga Dala To Life Jhingalala..,  Thanda Means Coca Cola!! (really??)  
 The clever advertiser avoids including the Cons of his product/services/idea/to the target audience in the sales pitch.. However, prepares for Objection Handling for a doubtful prospects If the prospect asks.  Sometimes Price is crucial, critical and a big  barrier b/n  seller & customer then sandwich method is used which is a good popular option and is used by telebrands kind of TV ads.
The world is full of examples of  advertisements because this world is transforming into a market, where sometimes you are the customer, sometimes a catalyst and sometimes the marketer too! So, you must be going through many such tempting advertisements, getting attracted and confused every day...which one you found attractive, tempting, clever..??
अक्सर हर उत्पाद एवं सेवा के कुछ न कुछ पक्ष और विपक्ष होते हैं।  चतुर  मार्केटर अपने उत्पादों और सेवाओं को कई अलग-अलग रोचक तरीकों से दुनिया के सामने पेश करते हैं। ज्यादातर तो ऐसे आश्चर्यजनक और अविश्वसनीय से हसीन सपने दिखाते हैं कि आपका दिमाग हिल जाए और आप उसे याद भी रखें। ज्यादातर विज्ञापन लाभों पर ध्यान केंद्रित करते हुए उस प्रोडक्ट के प्रभाव से जीवन में आने वाले सार्थक परिवर्तनों के हसीन सपने दिखाते हैं .. मर्दों के दाढ़ी बनाने वाले  विज्ञापन में हसीनाएं,  सीमेंट के विज्ञापन में भी कामुक हसीनाएं,   X लगा डाला तो लाइफ झिंगालाला , ठंडा मतलब कोका कोला ऐसे ही विज्ञापनों के उदाहरणों से दुनिया भरी पड़ी है क्योंकि दुनिया के बाजार में कभी आप ग्राहक हैं तो कभी विज्ञापन को आगे बढ़ने वाले उत्प्रेरक और कभी कभी मार्केटर भी! अतः ऐसे ही अनेकों लुभावने विज्ञापनों से आप रोज गुज़रते, आकर्षित होते और भ्रमित होते रहते होंगे..थोड़ा दिमाग पर जोर डालकर याद कीजिये और बताइए कि अभी अभी किस विज्ञापन ने आपको दिवास्वप्न दिखाया..
  
चतुर विज्ञापनदाता अपने उत्पाद एवं विचार के विपक्ष को सेल्स पिच में दिखाने बताने से बचता है.. यद्यपि  ऑब्जेक्शन हैंडलिंग के तहत इस पर वृहत विचार करकर तैयारी जरूर रखता है ताकि सशंकित इच्छित ग्राहक के संशय को दूर करके उसे अपना ग्राहक बनाया जा सके। यदि संभावना पूछती है। कई बार अधिक बिक्रीमूल्य भी बेचनेवाले और ग्राहक के बीच बड़ी दीवार होती है जो उसे  उत्पाद/सेवा लेने से रोकती है तब सैंडविच विधि का प्रयोग किया जाता है जो कि एक अच्छा प्रचलित विकल्प है तथा टीवी के telebrands आदि द्वारा इसका प्रयोग किया जाता है।