Sunday, May 31, 2020

Spread HAPPYNESS (सच्ची खुशियां, better customs ) :

कुछ रूपयों का हार, नारियल, अगरबत्ती लेकर 

 या 

चादर, इत्र, फूल, मोमबत्ती लेकर किसी धार्मिक स्थल जाने की बजाए,

 कुछ रुपयों का बिस्किट, chocolate, मिठाई, गुब्बारे, खिलौने लेकर जाने का प्रयत्न करें.....

कुछ छोटे बच्चे खुशियों के आने की राह देखते हैं...

खुशियां मांगने से नही, बांटने से मिलती है....
TheGodOfSmallThings

Sunday, May 24, 2020

I love Tea...चाय पीजिये और कोरोना से बचिए

एक कप चाय दूर करेगी कोरोना संक्रमण का खतरा, कई दवाओं से ज्यादा है कारगर : 

Thursday, May 21, 2020

music timless love song Sathiya tuney kya kiya

हिंदी के कुछ गाने timless love songs हैं। जैसे कि ये ..1991 का गाना है पर आज भी उतना ही कर्णप्रिय (melodious) और खूबसूरत लगता है, बार बार सुनने का मन करता है। SP balasubraminam और चितत्रा की आवाज और आनंद मिलिंद की धुन बेहद खोइबसूरत है , सुनिएगा एक बार, ज़रूर , humble request है..plz..
Duration : 5:12 
Size : 6.6MB , 
Sathiya Tune Kya kiya | साथिया तूने क्या किया – Chitra – Balasubrahmanyam

Gaana.com link : 
https://gaana.com/song/saathiya-tune-kya-kiya-1 

साथिया तूने क्या किया?
बेलिया ये तूने क्या किया?
मैने किया तेरा इंतेज़ार,
इतना करो ना मुझे प्यार!

साथिया तूने क्या कहा?
बेलिया ये तूने क्या कहा?
यूँ ना कभी करना इंतज़ार,
मैने किया है तुमसे प्यार!
मैने किया है तुमसे प्यार।

साथिया तूने क्या किया?
बेलिया ये तूने क्या किया?

इतनी मोहब्बत सह ना सकूँगा,
सच मानो ज़िंदा रह ना सकूँगा.
तुझको सम्हालूं ये मेरा ज़िम्मा,
मैं हू तो क्या ग़म जाने तमन्ना!
अब जीना मरना मेरा जानम तेरे हाथ है,
मैने कहा ना सनम अब तू मेरे साथ है!
तो फिर सम्हाल…ये मैं चला, 
जाना कहाँ…आ दिल मे आ,
ला ला ला …

साथिया तूने क्या किया? 
बेलिया ये तूने क्या किया?

दिल के चमन का हंसना तो देखो,
जागी नज़र का सपना तो देखो!
ऐसे हुए हम , इक जान एक दिल,
तू है के मैं हूँ ,  कहना है मुश्किल,
झोंका बसंती है तू,  तन है गुलाबी मेरा!
दो रंग मिलने के बाद, 
होते नही है जुदा.
तो फिर संभाल…दिल ये चला,
जाना कहां…आ दिल मे आ.

साथिया तूने क्या कहा,
बेलिया ये तूने क्या कहा?
यूँ ना कभी करना इंतज़ार
मैने किया है तुमसे प्यार.
मैंने किया है तुमसे प्यार!
इतना करो ना मुझे प्यार..
इतना करो न,  मुझे प्यार!

Movie: Love (1991)
Singers: Krishnan Nair Shantakumari Chitra (K.S. Chitra), S. P. Balasubrahmanyam
Song Lyricists: Majrooh Sultanpuri
Music: Anand Milind
Music Label: Venus Records
Starring: Salman Khan, Revthi, Shafi Inamdaar, Amjad Khan
Released on: 30th August, 1991
Music Genre: hindi duet soft love song,  90s magic, slow melody, timless love song

Wednesday, May 20, 2020

New Business Startup suggestion by Sholay's Gabbar (गब्बर की सलाह नए व्यवसाय के लिए )

कोई नया व्यवसाय शुरू करने के लिए क्या आवश्यक है : 

चलो गब्बर से सीखते हैं क्या क्या करना चाहिए ?

गब्बर सिंह एक वास्तविक प्रबंधन गुरु था।

 उन्होंने पढ़ाया : 

1. जो डर गया - समझो मर गया !
 Means :
व्यवसाय की सफल नींव रखने के लिए साहस और उद्यम महत्वपूर्ण कारक हैं।
सफलता प्राप्त करने के लिए पराक्रम की जरूरत है।

2. कितने आदमी थे ? मतलब :
प्रतियोगिता और उसके आकार को जानना महत्वपूर्ण है। वह समझ गया कि एक छोटी सी टीम भी फर्क कर सकती है।

3. अरे ओ सांभा, कितना इनाम रक्खें है , सरकार हम पर?
मतलब :
अपने बाजार मूल्य को जानें। अपने खुद के ब्रांड को बढ़ावा देना बहुत महत्वपूर्ण है और हमेशा ये बढ़ना जरूरी है |

4 गोली 6 और आदमी 3 बहुत नाइंसाफी है !
मतलब:
डिमांड कम है और सप्लाई ज्यादा करोगे तो मारे जाओगे

5. ले अब गोली खा!

कभी-कभी संगठन के हित में आपको कठोर और अलोकप्रिय निर्णय लेने पड़ते हैं।

इसलिए कभी-कभी किसी कर्मचारियों के नेता को बाहर का रास्ता दिखाना पड़ता है अगर वे आपकेबिज़नेस को ख़राब करने करने की कोशिश में हों |

6. ये हाथ मुझे दे दे ठाकुर।

बाजार में खतरों के तत्वों को पहचानें और उन्हें कम से कम करने के उपाय करें

7. होली कब है, कब है होली?

आपके बिज़नेस के भीतर प्रमुख घटनाओं का आंकलन करना बहुत जरूरी है | अगर पहले से पता है कब क्या होगा तो आप अपने कम्पीटिशन वाले से जीत पाओगे |

8.बसंती, नाच !

सिर्फ वेतन और बोनस से अपनी टीम को प्रेरित न करें बसंती को भी नाचना पड़ेगा ....।

 ये जरूरी चीजें बताने के लिए गब्बर को धन्यवाद कहें, और Happy journey ...

Wednesday, May 13, 2020

विश्व पुस्तक दिवस पर एक विचार

मस्तिष्क की टेम्पररी मेमोरी के विचारों को प्रतीको के माध्यम से पेरमानेंट मेमोरी मे रेप्लिकेट करना और उनकी कई प्रतियाँ बना लेना कोई मामूली परिवर्तन नहीं था, यह मानव सभ्यता के लिए एक क्रांति थी। हम खुद के ही विचार जीवित रहते भूलते रहते हैं ( इसीलिए लोगो को टू-डू लिस्ट बनानी पड़ती है, कलेंडर मे जन्म दिन और सालगिरह वगैरह डालकर रिमाइंडर लगाना पड़ता है, रासन की लिस्ट बनानी पड़ती है)। मृत्यु के साथ विचार भी दफन हो जाते हैं; (जरूर उसमे से कुछ अपने आस पास के लोगों द्वारा अगली पीढ़ी को चले जाते है)। जब लेखन नहीं था, तो कितना मुश्किल रहा होगा, मेरे कुछ विचार हैं उन्हे कोई सुनना नहीं चाहता है, लेकिन मेरा सुनाने का मन है, तो क्या करूँ। कोई सुनता भी है, तो याद नहीं रख पाता है, कोई याद भी रख पाता है तो विचार मे घालमेल कर देता है। करोड़ो लोग जो जा चुके हैं, उनके अनुभव से अर्जित ज्ञान को किताबें संचित रखती हैं, उन अनुभवों का एक सूक्ष्म हिस्सा भी हम व्यक्तिगत अनुभव से हाँसिल नहीं कर सकते। इसलिए ज्यादा से ज्यादा किताबें पढे, वह उससे कई गुना ज्ञान दे सकती हैं जो हम व्यक्तिगत अनुभव से जीवन भर मे नहीं प्राप्त कर सकते हैं। किताबों का चुनाव भी एक मुद्दा है लेकिन उस पर फिर कभी।...