माँ सुनाओ मुझे वो कहानी,
जिसमें राजा ना हो ना हो रानी..
जो हमारी तुम्हारी कथा हो,
जो सभी के ह्रदय की व्यथा हो,
गंध जिसमें भरी हो धरा की,
बात जिसमें ना हो अप्सरा की,
हो ना परियाँ जहाँ आसमानी...
जो किसी भी ह्रदय को हिला दे,
आदमी आदमी को मिला दे,
आग कुछ इस तरह की लगा दे,
आग में भी माधुरी मिला दे,
जो सुने हो चले पानी पानी..
वो कहानी जो हँसना सिखा दे,
पेट की भूख को जो भुला दे,
जिसमें सच की भरी चाँदनी हो,
जिसमें उम्मीद की रोशनी हो,
जिसमें ना हो कहानी पुरानी,
माँ सुनाओ मुझे वो कहानी....
-lyrics by नन्दलाल पाठक, Singer: Siza Roy,
Album: Cry for CRY, Year-1991, Composer artist: Jagjit Singh , label : HMV SAREGAMA
किस्से ,कहानी, और बातें बहुत सी हैं, हर बात पर एक बात है। पर क्या किस्से , कहानियों , मिथकों चमत्कारों से विकट समस्याओं का समाधान है? ये एक बड़ा यक्ष प्रश्न है। ऐसे ही जब कहीं कभी कोई भूखा बच्चा भूख की आग से लड़ता , हंसी और खुशी को तरसता बच्चा , क्या सोचता होगा इस बात को इस कवि नंदलाल पाठक ने सोंचा और लिखा.. । न जाने कैसे किस तरह से ये गीत जाने माने मशहूर ग़ज़ल गायक जगजीत सिंह तक पहुंचा होगा और उन्हें इस गीत ने छुआ होगा। फिर उनके अलकेमिस्ट वाले दिल, दिमाग, हुनर और हाथों ने इसे जब गोद ले लिया तो फिर ये गीत शिज़ा रॉय की आवाज में जो बनकर आया, फिर तो न जाने कितनों के दिल को रुला कर, करोड़ों की आंखों से नायाब आँसू बनके बहा होगा पता नहीं...
ये गीत CRY FOR CRY नाम से HMV सारेगामा के एक ग़ज़ल अल्बम में साल 1991 आया था। सारे गीत गहरे दुख लिए हुए थे। सुना था कि इसकी कमाई बच्चों के लिए काम करने वाली NGO संस्था CRY (Child Rights and You) को दिया जाना पहले ही तय किया गया था, इसलिए ही इस एल्बम का नाम ये रखा गया।
ये है इस नायाब गीत ग़ज़ल की youtube लिंक - https://youtu.be/ZwF73004LmM
और ये जगजीत सिंह के गाये एक live version का link :
वैसे बहुतों ने इसे अपने अपने ढंग, ढब और समझ से गाया है..बेहद पसंद में से एक रहा है ये..हमेशा से।
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