Friday, May 28, 2021

मय रहे मीना रहे गर्दिश में पैमाना रहे...

मय रहे मीना रहे गर्दिश में पैमाना रहे ,
मेरे साक़ी तू रहे आबाद मय-ख़ाना रहे..
हश्र भी तो हो चुका रुख़ से नहीं हटती नक़ाब ,
हद भी आख़िर कुछ है कब तक कोई दीवाना रहे ..

कुछ नहीं हम दिल-जलों की बे-क़रारी कुछ नहीं ,
तेरी महफ़िल वो है जिसमें शम-ए-परवाना रहे ..

गोरे हाथों में बने , चौड़ी ख़त-ए-साग़र का अक्स ,
तेरे दस्त-ए-नाज़ में,  नाज़ुक सा पैमाना रहे ..

कम से कम इतना असर हो जो सुने आ जाए नींद ,
बेकसों की मौत का होंठों पर अफ़्साना रहे ...

रात जो जा बैठते हैं रोज़ हम मजनूँ के पास ,
पहले अन-बन रह चुकी है अब तो याराना रहे ..

हश्र हो तुम,  शर्म के पुतले न बनना हश्र में,
चाल इठलाई हुई अंदाज़ मस्ताना रहे ..

ताब उस की ला नहीं सकते कभी नाज़ुक दिमाग़ ,
बार सर है ,  दूर सर से ताज शाहाना रहे ..

उन के कहने से कभी यूँ कह लिए दो-चार शे'र ,
रात-दिन फ़िक्र-ए-सुख़न में कोई दीवाना रहे ..

उन बुतों के चलते हम ने दिल को पत्थर कर लिया ,
बुत रहे कोई न यारब कोई बुत-ख़ाना रहे ...

तूर पर आ मैं न मेरे सामने यूँ ही सही ,
हाँ ज़रा तर्ज़-ए-तकल्लुम,  बे-हिजाबाना रहे . ..

ज़िंदगी का लुत्फ़ है उड़ती रहे हर-दम 'रियाज़' ,
हम हों , शीशे की परी हो, घर परी-ख़ाना रहे ...

(Word's and meanings :
मय=liquor, शराब 
मीना = शराब रखने का बड़ा बरतन, प्याला, 
गर्दिश = बुरे दिन, revolution, circulation, misfortune, wandering about
पैमाना=शराब का गिलास, a vessel used to drink liquor
हश्र = प्रलय, कयामत, बुरी हालत, doomsday, resurrection, tumult प्रलय, हालत,
रुख़ = चेहरा , face, appearance,direction
नक़ाब= फेम, veil, mask
हद = सीमा, limit, boundry
आखिर=अंत , at the end, after all
दीवाना= crazy/ mad , पागल, खोया हुआ
दिलजलों = bereaved, frustrated
बेक़रारी =Unease , असहजता 
महफ़िल= assembly, gathering, party
परवाना = बारिश में होने वाले कीट, जो आग की तरफ आकर्षित होकर आते हैं और जलकर मर जाते हैं, lamp moth
खत ऐ सागर =  line of glass of wine, goblet
अक्स = परछाई , shadow, Reflection , प्रतिबिंब, छाया, साया 
दस्त ऐ नाज़ = नाजुक हाथ, चाहने वाले के हाथ gentle hand of beloved,
बेकसों = मजबूर, दया के पात्र , helpless-plural
अफसाना =  कहानी, वृतांत , story, Tale, novel
अनबन= झगड़ा  , बहस, quarrel 
याराना = दोस्ती , प्यार , friendship
इठलाई = घमंड भरी, मस्ती भरी, Put on airs; walk saucily; coquetishly
मस्ताना= शरारत / मस्ती से भरा हुआ, drunk, intoxicated 
ताब = सामर्थ्य , आभा, चमक , capacity , potential , warmth 
बार = बोझ , भरा हुआ , load , burden
ताज = मुकुट , crown 
शाहाना = राजसी , royal
फिक्र ऐ सुखन = गुलाबी कवितामय विचार , poetic thoughts
बुतों = पूज्यनीय , ईश्वर , idols, images, beloved ones
पत्थर = कड़ा , सख्त,   stone like strong, oppose 
यारब = हे ईश्वर , oh god
बुतखाना = प्रिय का निवास /घर , मंदिर , an idol-temple
तूर = असलियत , real undisguised face ,सच्चाई
 तर्ज़ ऐ तकल्लुम = बातचीत manner of conversation/ talking
बेहिजाबाना = स्पष्ठ, परदारहित , without coyness
लुत्फ= मज़ा , pleasure, enjoyment
परी खाना = fairy house)

कई सालों से सुनते आया था इस ग़ज़ल को ,जगजीत सिंह की आवाज़ में उनके एल्बम मिराज में सब एक से बढ़कर एक गाने है । ये भी काफी बेहतरीन है। रियाज खैराबादी की लिखी इस गजल को बेहतर समझने के लिए कविताकोश और रेख्ता पे पढ़ा। बहुत सी नई लाइनें भी पढ़ने को मिली , साथ ही कुछ बड़े बड़े कठिन उर्दू के शब्द थे जिनके मतलब जानने से गजल बेहतर समझ आयी। और अंततः जब शब्दों के अर्थ मालूम हुए और पूरी ग़ज़ल का अर्थ समझ आया तो भई वाह , क्या बेहतरीन लिखा है उन्होंने....कुछ लाइनों के तो एक से अधिक मतलब भी निकलते हैं, आपकी समझ जिस तरफ भी ले के जाए आपको एक खूबसूरत एहसास कराएगी, कुल मिलाकर बेहतरीन हैं। 
बस इतना ज्यादा पसंद आया इसलिए ही यहां शेयर कर रहा हूँ। आशा है ग़ज़ल पसंद करने वालों को पसंद आएगा।
 

Listen and watch at
https://youtu.be/yMHmyO4-mBk


Thursday, May 20, 2021

Dog Fight : It's not the size of the dog in the fight, it's the size of the fight in the dog. " - Mark Twain लड़ाई में कौन जीतेगा यह लड़ने वाले के भौतिक आकर पर नहीं बल्कि लड़ने वाले के अंदर कितना बड़ा लड़ाका हैं इससे तय होता है।...मार्क ट्वेन

" It's not the size of the dog in the fight, it's the size of the fight in the dog. "  - Mark Twain
 लड़ाई में कौन जीतेगा यह लड़ने वाले के भौतिक आकर पर नहीं बल्कि लड़ने वाले के अंदर कितना बड़ा लड़ाका हैं इससे तय होता है।...मार्क ट्वेन 
This is Usually refering to a small dog attacking a larger animal, this means that fierceness is not necessarily a matter of physical size, but rather mental/psychological attitude.
अर्थात एक छोटे कुत्ते का एक बड़े जानवर पर हमला करने का जिक्र करते हुए, इसका मतलब ये बताया गया है कि लड़ाई में केवल शारीरिक आकार विजेता नहीं बनाती, बल्कि मानसिक/मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण अधिक महत्वपूर्ण कारक है ।

(Mark Twain, whose real name was Samuel Clemens, was the celebrated author of several novels, including two major classics of American literature: The Adventures of Tom Sawyer and Adventures of Huckleberry Finn. He was also a riverboat pilot, journalist, lecturer, entrepreneur and inventor. Twain's written works challenged the fundamental issues that faced the America of his time; racism, evolving landscapes, class barriers, access to education and more.)
More detailed explanation :

It’s not the size of the battler that matters, but the size of stamina, passion, motivation, and struggle in the battler that he puts in a fight that makes him win.
No matter what size or how big a fight is, its only matters how much strength and need we have inside for that fight.
When it’s up to our life and no other way out then the real strength comes out if it’s necessary to fight. It’s your attitude, not your physicality that will dictate how you do in life.
It always an advantage to be big in a fight, but the bottom-line is, it's not always about the physical size but the spirit, the energy, the great passion and the will that's going to take you there.
Courage is inside all of us we just need to find it. Courage is not necessarily always about fighting battles, sometimes it knows when to walk away from a fight.

The reality of the upcoming days is in front of you and maybe, just maybe you feel a little blue.
Sometimes it seems impossible to overcome hard times, and it feels difficult to find happiness and light. This is when courage is most needed.
But your attitude and motivation will allow you to win every single battle doesn’t matter how much size of the trouble or worst circumstances.

 लड़ाई में दो शरीर नहीं लड़ रहे होते हैं, बल्कि शरीर के अंदर कि लड़ाईयां लड़ रही होती है। 
मार्क ट्वैन 
(मार्क ट्वेन, जिनका वास्तविक नाम सैमुअल क्लेमेंस था, अमेरिकी साहित्य के दो प्रमुख क्लासिक्स: द एडवेंचर्स ऑफ टॉम सॉयर और एडवेंचर्स ऑफ हकलबेरी फिन सहित कई उपन्यासों के प्रसिद्ध लेखक थे। वह एक रिवरबोट पायलट, पत्रकार, व्याख्याता, उद्यमी भी थे और आविष्कारक भी। ट्वेन के लिखित कार्यों ने उन मूलभूत मुद्दों को चुनौती दी जो उनके समय के अमेरिकन और अमेरिका सामना करते थे; नस्लवाद, विकसित परिदृश्य, वर्ग बाधाएं, शिक्षा तक पहुंच और बहुत कुछ..।)

विस्तृत तथा व्यापक अर्थ :
कुत्तों की लड़ाई का संदर्भ देते हुए बताया जा रहा है कि लड़ाई में लड़ने वाले का आकार मायने नहीं रखता है, बल्कि वास्तविकता में मायने रखती है  लड़ने वाले की क्षमता,  सहनशक्ति,  जुनून, प्रेरणा और उसके  संघर्ष का आकार जो वो उस लड़ाई में झोंकता है । और यही सब लड़ने वाले को जीत दिलाती है। 
(दरअसल कुत्तों की लड़ाई का संदर्भ इसलिए दिया गया है क्यूंकि उस अमेरिकन काल में कुत्तों की लड़ाई को विशेष माना जाता था और dog फाइट्स का आयोजन होता था जैसे आजकल भारत में क्रिकेट IPL होता है. इसी बात पर डिज़्नी की एक सपरिवार देखी जा सकने वाली अच्छी  फिल्म THE WHITE FANG है, देखिएगा कभी..  )
 लड़ाई कितनी भी छोटी या कितनी भी बड़ी क्यों न हो, यह मायने रखता है कि उस लड़ाई के लिए हमारे अंदर कितनी ताकत और जरूरत है , तथा हम उसमें अपना कितना झोंक देते है। 
 जब यह हमारे जीवन पर निर्भर करता है और कोई दूसरा रास्ता नहीं है तो असली ताकत सामने आती है अगर लड़ना जरूरी है।  वास्तव में वह आपका रवैया है, न कि आपकी शारीरिक क्षमता जो तय करेगी कि आप जीवन में कैसा और क्या  करते हैं।
 लड़ाई में बड़ा होना हमेशा एक फायदा देने वाला ज़रूर होता है, लेकिन लब्बोलुआब यह है कि यह हमेशा भौतिक आकार के बारे में नहीं है;  बल्कि आत्मा, ऊर्जा, महान जुनून और इच्छा है जो आपको वहां ले जाने वाली है जहां आप विजेता बनते हैं।

 साहस हम सभी के अंदर होता है बस हमें उसे खोजने की जरूरत होती है।  साहस हमेशा लड़ाई लड़ने के बारे में नहीं होता है, कभी-कभी यह जानना भी होता है कि लड़ाई से कब दूर जाना है।
 आने वाले दिनों की हकीकत आपके सामने है और हो सकता है कि भविष्य सोंचकर, शायद आपको थोड़ी निराशा महसूस हो।
जीवन में  कभी-कभी कठिन समय को पार करना असंभव लगता है, तब  अंधकारमय परिस्थिति में खुशी और प्रकाश को पाना बहुत कठिन लगता है। ऐसे समय ही हमें साहस की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। और तब आपका रवैया और आपके अंदर की प्रेरणा ही आपकी जीत का द्वार खोलती है। तो याद रखें की  इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सामने कितनी बड़ी मुसीबतें या खराब परिस्थितियां हैं, बस खुद के अंदर के लड़ाके पर विश्वास रखें , साहस जुटाएं और पूरी जीवटता के साथ संघर्ष में खुद को झोंक दें, निश्चित ही जीत आपकी होगी।

" It's not the size of the dog in the fight, it's the size of the fight in the dog. "  - Mark Twain
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लड़ाई में दो भिन्न आकार के कुत्ते नहीं होते हैं, बल्कि कुत्तों में लड़ाई का आकार होते हैं।  ..मार्क ट्वैन

आशा है कि मार्क ट्वैन की इस उक्ति का अर्थ बेहतर समझ पाने में थोड़ी मदद कर पाया। 

 Have a nice time! Take care!🌈

Saturday, May 15, 2021

लाखों रुपए की कर्णप्रिय गलती ( A Million Dollar Melodious Mistake) :

A Million dollar Melodious mistake ( लाखों रुपए की एक कर्णप्रिय गलती ) : 

  A small mistake by a guitarist gave people a chance to laugh.  But only intelligent and connoisseur music lovers like RD Burman felt that this very big mistake is indeed a very beautiful discovery in the music world.  He used that mistake in one of his songs, which not only won the hearts of the people but also created history.
 In those days of the 70s, RD Burman and Kishore Kumar dominated Indian film music with yodeling and fun-filled songs, but the RD and Kishore duo had no classical and serious songs like SD Burman and Rafi.  They used to be very malicious, in such a way that this raag Bhairvi based song not only gave them that spiritual satisfaction but they also got the National Award.
  What was that mistake? And what song was it?
  If you are an old Hindi music lover then definitely watch this video, hope you will like it... enjoy the Melody..
Have a Nice time , Take care!🌈

 एक गिटारवादक की एक छोटी सी गलती ने लोगों को हंसने का मौका दे दिया।  किन्तु आर डी बर्मन जैसे बुद्धिमान और पारखी संगीत प्रेमी को  यूं लगा कि यह बहुत बड़ी गलती तो दरअसल संगीत की दुनिया की बहुत  सुंदर खोज है। उन्होंने अपने एक गाने में उस गलती का ऐसा इस्तेमाल किया,  जिसने न सिर्फ लोगों के दिलों को छुआ, बल्कि इतिहास रच दिया।
70 के दशक के उन दिनों में योडलिंग और मस्ती भरे गीतों से आरडी बर्मन और किशोर कुमार भारतीय फिल्म संगीत में छाए हुए थे , किन्तु RD और किशोर की जोड़ी के पास एसडी बर्मन और रफी की तरह का कोई क्लासिकल और संजीदा गीत नहीं था, जिसका उन्हें बड़ा मलाल होता था, ऐसे में राग भैरवी के इस गाने ने उन्हें न सिर्फ वो आत्मिक संतुष्टि दी बल्कि उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला।

 क्या गलती थी वह ?और कौन सा गाना था? 
 अगर आप पुराने हिंदी संगीत प्रेमी हैं तो यह वीडियो ज़रूर देखें , आशा है पसंद आएगा। संगीत का आनंद लें। 
अपना और अपनों का ध्यान रखें।🌈
  🙏