यकीन ( The Belief, The Faith ):
एक सुबह सर हेनरी फोर्ड अपने हाथ में एक कागज लेकर बैठ गए।उस कागज पर उन्होंने V8 इंजन का डिजाइन बनाया था।
फोर्ड ने फ़ौरन अपने इंजीनियरों की एक टीम को अपने कार्यालय में बुलाया और उनके साथ उस इंजन की रूपरेखा पर विचार करने लगे।
"सर। आठ-सिलेंडर वाला गैसोलीन इंजन ब्लॉक बनाना नामुमकिन काम है,” उनके एक अनुभवी इंजीनियर ने कहा।
"लेकिन इसे बनाओ," फोर्ड ने मजबूत आवाज में जवाब दिया।
"पर, आप समझ नहीं रहे हैं सर," उन्होंने उत्तर दिया, "यह बिल्कुल असंभव है!"
"इस काम पर तब तक जुटे रहो, जब तक इंजन बन नहीं जाता, चाहे कितना भी समय क्यों न लगे, मुझे यह इंजन तैयार चाहिए," फोर्ड ने मांग की।
उन्हें पूरा यकीन था कि वे अपनी योजना में निश्चित रूप से सफल होंगे।
फोर्ड की जिद्द सुनकर सभी इंजीनियर लोग घबरा गए।
कुछ लोग शिकायत करने लगे, “फोर्ड का दिमाग खराब हो गया है! उन्हें पता नहीं कि असंभव का क्या मतलब होता है! उन्होंने ये क्या मुसीबत खड़ी कर दी है, इंजन तैयार नहीं हुआ तो हमारी नौकरी चली जाएगी!
फिर उन्होंने बिना कुछ बोले इंजन पर काम करना शुरू कर दिया।
छह महीने बीते…
"क्या मेरी वी-8 मोटर तैयार है!" फोर्ड ने आकर पूछा…
नौ महीने बीत गए ...
तब भी इंजन तैयार नहीं हो पाया था।
इंजीनियरों ने हर तरह से दिमाग दौड़ाया, लेकिन यह काम अभी भी 'नामुमकिन' लग रहा था।
साल के आखिर में, सर फोर्ड ने अपने इंजीनियरों का दौरा किया, तब भी इंजीनियरों ने उन्हें यही बताया कि यह काम नहीं हो पाएगा।
" कोशिश करते रहो", फोर्ड ने कहा, "मुझे हर हाल में यह इंजन तैयार चाहिए!"
इंजीनियरों के पास कोई दूसरा चारा नहीं था। वे महीनों तक कड़ी मशक्कत करते रहे, तब तक, जब तक कि 'वी -8' नामक प्रसिद्ध इंजन बनाने का रहस्य खोज नहीं लिया गया और 1932 में पहली फोर्ड वी-8 कार लांच हो पाई।
"कौन सा एक कारक है, जो यह निर्धारित करता है कि कोई व्यक्ति जीवन में सफल होगा या नहीं?"
उत्तर है- 'यकीन'।
यकीन या विश्वास के बिना सफलता असंभव है।
सब कुछ यकीन के साथ शुरू होता है।
अगर आपको 'यकीन 'है कि आप सफल हो पाएंगे तो आप निश्चित रूप से होंगे, अगर 'यकीन 'नहीं है तो आप कभी सफल नहीं हो सकते।
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