Sunday, February 23, 2020

पुराना PF निकालना :

navbharat timesनई दिल्ली
ऐसा कई लोगों के साथ होता है कि अलग-अलग संस्थानों में काम करने के दौरान अलग-अलग पीएफ अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं, जिसकी वजह से कई बार उनका पुराना पीएफ अकाउंट इन-ऑपरेटिव हो जता है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो नौकरी के बीच में विदेश जाते हैं और वहीं कंटिन्यू करते हैं। इस परिस्थिति में भी पुराना पीएफ अकाउंट इन-ऑपरेटिव हो जाता है
घर बैठे होगा काम: 
इन-ऑपरेटिव अकाउंट को ट्रैक करना थोड़ा मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं है। यह काम घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकता है। एकबार अकाउंट ट्रेस हो जाने के बाद इसमें जमा राशि ट्रांसफर की जा सकती है या फिर निकाली जा सकती है।

क्या होता है इन-ऑपरेटिव अकाउंट?
अगर किसी अकाउंट में तीन साल (36 महीने) तक कुछ जमा नहीं होता है तो इसे इन-ऑपरेटिव माना जाता है। 1 अप्रैल 2011 के बाद से सरकार ने ऐसे अकाउंट में जमा राशि पर इंट्रेस्ट देना बंद कर दिया है। एक डेटा के मुताबिक, मार्च 2014 तक EPFO के इन-ऑपरेटिव अकाउंट में 27000 करोड़ रुपये जमा थे। नियम के मुताबिक अगर इन-ऑपरेटिव अकाउंट पर अगर 7 साल तक दावा नहीं किया गया तो सरकार इसे सिनियर सिटिजन के लिए वेलफेयर फंड में डाल देती है।


कैसे ट्रेस करें अकाउंट?
पहले पीएफ की वेबसाइट www.epfindia.gov.in पर जाना है। यहां इन-ऑपरेटिव अकाउंट हेल्पडेस्क ऑप्शन को चुनना है। शिकायत बॉक्स में अपनी समस्या के बारे में पूरी जानकारी देनी है। बाद में आपसे निजी जानकारी मांगी जाएगी, मसलन नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, जन्मदिन, पति या पिता का नाम, एंप्लॉयर नेम। इन तमाम जानकारी की मदद से आपका अकाउंट आसानी से ट्रेस हो जाएगा। अकाउंट ट्रेस होने के बाद फंड निकाला जा सकता है या ट्रांसफर किया जा सकता है।

Reference: Published by:  |  | Updated: 10 Feb 2020, 02:52:00 PM

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