Saturday, January 25, 2020

मार्टिन लूथर किंग और गांधी

मार्टिन लूथर किंग: 

मार्टिन लूथर किंग एक अमेरिकी कार्यकर्ता थे जिन्होंने नागरिक अधिकार आंदोलन (1955-1968) में क्रांति की थी। नागरिक अधिकार आंदोलन का मकसद था अफ्रीकी-अमेरिकी नागरिकों के साथ हो रहे नस्लवाद को मिटाना और बराबर अधिकार पाना।

इसी आंदोलन के संदर्भ में किंग का I have a dream (मेरा एक सपना है) भाषण विश्व प्रसिद्ध हुआ और आज अमेरिकी इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण भाषणों में से एक माना जाता है।

किंग महात्मा गांधी से प्रेरित थे। बचपन से ही किंग ने गोरों द्वारा हो रहे नस्लवाद को देखा था और बराबर अधिकार ना मिलने पर उनका खून खौलता था। परंतु 1949 में जब किंग को भारत में गाँधी द्वारा की गई अहिंसावादी लड़ाई के बारे में पता चला तो उन्हें लगा कि नागरिक अधिकार आंदोलन में अहिंसक विरोध काम आएगा।

अहिंसा के बारे में किंग ने कहा था, "क्राइस्ट ने हमें अहिंसा का रास्ता दिखाया और भारत में गांधी ने साबित किया कि यह प्रभावी है"

1959 में किंग ने पत्नी कोर्टेला स्कॉट संग भारत का दौरा किया था।

इस दौरे पर किंग ने ये अनमोल शब्द कहे थे:

"मैं भारत में तीर्थ यात्रा करने आया हूं"

किंग भारत आने के लिए उत्सुक थे परंतु नागरिक अधिकार आंदोलन में बहुत व्यस्त थे। भारत आने पर किंग ने सबसे पहले गांधी जी के स्मारक पर जाकर नमन किया।

फिर किंग प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और उप-राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी से मिले और फिर बौद्ध और हिंदू धार्मिक स्थानों पर गए।

मुंबई में किंग को गाँधी जी के निजी निवास में रुकने का न्योता दिया गया था, जिसके बारे में उन्होंने कहा, "जिस घर में गांधीजी सोते थे, वहां सोने का अवसर होना एक ऐसा अनुभव है जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा"।

MLK Day: Martin Luther King Jr. visited India in 1959 to honor Gandhi and nonviolence - The Washington Post https://www.washingtonpost.com/history/2020/01/20/martin-luther-king-india-gandhi/

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