Monday, January 6, 2020

ghazal ग़ज़ल गीत music संगीत jagjit singh जगजीत सिंह की एक ग़ज़ल जुदाई दुनिया और प्यार पे...

कभी खामोश बैठोगे कभी कुछ गुनगुनाओगे,
मैं उतना याद आऊँगा मुझे जितना भुलाओगे!

कोई जब पूछ बैठेगा खामोशी का सबब तुमसे,
बहुत समझाना चाहोगे मगर समझा न पाओगे...

कभी दुनिया मुक्कमल बन के आएगी निगाहों में,
कभी मेरे कमी दुनिया की हर एक शय में पाओगे।

कहीं पर भी रहें हम तुम मोहब्बत फिर मोहब्बत है,
तुम्हें हम याद आयेंगे हमें तुम याद आओगे।

कभी खामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे, 
मैं उतना याद आऊँगा, मुझे जितना भुलाओगे....

Words & meaning : 
सबब = कारण, reason
मुक्कमल = पूर्ण, perfect
शय = वस्तु, चीज़ , Thing

✒नज़ीर बनारसी

Listen at : 
Gaana link : 
https://gaana.com/song/kabhi-khamosh-baithoge-2

Watch at : Youtube link : https://youtu.be/bg1aVF8xCsg

No comments:

Post a Comment